V

भारत

गंगा,यमुना जैसी नदियाँ जिसके चरण पखारे।
तान के सीना खड़ा हिमालय जिसको तिलक लगाए।
वादी ये कश्मीर की रोशन जिसकी माँग सजाए।
जहाँ सूरज आ हर नई सुबह का शंख बजाता है।
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©vikasgarg