सुलझी- अनसुलझी सी एक बात है...
बातों का उसकी मन में अहसास है....
लगता है जैसे वो यही आस पास है......
भीतर में उसकी सुंदरता का वास है......
बातों में पता नहीं उसकी क्या खास बात है,
लगता है जैसे समय का कहा हास है.....
भीतर में उसके व्यक्तित्व का प्रकाश है.....
चंचल यादें उसकी हमारे साथ है ,
जिसने उसकी मुस्कुराहट का आभास है.....
शीतलता देते उसके कुछ जज्बात है .....
जीवन में आने का उसको धन्यवाद है......
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