V

भगवान

हर रोज मैं तुमसे नहीं मिलता,
बिना मिले मेरा जीवन नहीं खिलता,
तू रोज मुझसे मिलने आता,
मेरे छिपे गुणों को तू ही जगाता,
तू मेरे दिल के हर एक राज जानता,
तू ही मेरे सारे काम करता,
दुख जो आए मेरे दिल में,
मेरे दिल में खुशी तू ही भरता,
मेरे मन के आंगन में बसकर,
तूने कर दिया है नया सवेरा,
हृदयस्थ हो कर सदा बैठे,
यहाँ ना होगा कभी अंधेरा,
मेरे जीवन को तूने बनाया सुंदर,
तेरे आने से मेरा मन बन गया मंदिर,
कौन है जिसने मुझको तेरा संग दिखाया?
कौन है जिसने मेरे मन मंदिर में उजाला फैलाया?
खोजा जब मैंने अपने मन मंदिर में,
तब एक ही नाम नजर आया,
स्वयं तू ही "कृष्णा" बनकर आया
विकास गर्ग
©vicky