A anusingh en July 23, 2025 भीग गईं अंखियां क्यूं ना श्याम मै तेरी हो जाऊंगुन गाऊं सुबह शाम आठ पहरचार पहर यूं बीत गएदर्श को तेरे आस लगाए।भीग गई अंखियां राह निहारतफिर क्यूं ना तुम वापस आए।©anusingh