D deepakshar en July 23, 2025 बहता सा दरिया हु में जिसे सुमंदर की तालास है बहता सा दरिया हु मैं जिसे समुन्दर की तलास है ना पूछ अब मेरा हाल "ए जिंदगी" जितने भी जख़्मदिये है अब उन जख्मो से भी गहरा राज हु मैं©deepakshar