S Santosh Kumar rahi en July 23, 2025 भटकाता जीवन। तलाश ए जिंदगी में जिंदगी की शाम हुईहम क्या अब कोई रिश्ता बचा पाएंगे,फिर जब जन्म लेंगे फिर बचपन होगी फिर दोस्त बनाएंगेये दोस्त अभी मुझे माफ करना फिर कभी दोस्ती निभाएंगे।©anuragrahi