रोता तो नहीं हूँ बस
मुस्कुराना भूल गया हूँ ।
पहले की तरह अब
मैं जीना भूल गया हूँ ।।
जाने किस बात की सोच में
खोया सा रहता हूँ,
खामोश रहता हूँ,
बक बक भूल गया हूँ ।।
लोगों से अब मैं शिकायत तक नहीं करता हूँ
कोई है भी क्या अपना ?
मैं अब यह भी भूल गया हूँ ।।
ना जाने क्यो एक अरसे से,
खुल कर के हँसना भूल गया हूँ ।।
दिल मेरा भी करता है,
ख्वाब हकीकत हो मेरा..
जब से टूटा हूँ,
ख्वाब सजान भूल गया हूँ ।।
©tannu12
T