Y your_rohit en July 23, 2025 bs ek baar tum keh do.... अपनी जिंदगी के अलग असूल हैं,यार की खातिर तो कांटे भी कबूल हैं,हंस कर चल दूं कांच के टुकड़ों पर भी,अगर यार कहे, यह मेरे बिछाए हुए फूल हैं. ©rohittiwar