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बस इतनी सी अर्जी हमारी

सीधा – सादा फेस हो , शांति का सन्देश हो।
जीवन में कभी ना करे झगड़ा, इतना सा विशेष हो।
होठों पे हो हरदम हंसी, मीठी सी हो बोली। 
बातें खट्टी-मीठी जैसे नारंगी की गोली।।
खर्चा करे उतना जितनी हो इनकम। 
ताकि गृहस्थी में कभी ना आये आर्थिक भूकंप।।
सुबह जल्दी उठकर सबके लिए चाय बनाये। 
हम पिये चाय वह पढ़कर अख़बार सुनाये।।
रसोई में बनाये हर रोज नए पकवान। 
रसोई नहीं जैसे हो हलवाई की दूकान।।
अवसर-अवसर पर पैर हमारे छूकर दे हमको सम्मान। 
व्रत करे वो सारे जो पति को बनाते आयुष्मान।।
जब जाये हम बिस्तर पर और ट्विटर चलायें।
तो आके हमारे करीब पैरों को दबाये।।
जब भी दे आदेश तब ही पीहर जाये। 
ससुराल से पीहर हमारी मर्जी पर ही आये।।
और तुरंत रहे तैयार जब हम लेने जाये ससुराल। 
आप लोग सब जानते पेट्रोल का क्या है हाल।।
बस इतनी सी अर्जी हमारी। 
बाकि गजानन मर्जी तुम्हारी।।
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©vikasgarg