R ravioo en July 23, 2025 बस तू अब कुछ कहुगाँ नही तुझे,बस पन्नों में उतार दूगाँ,बुरी है या भली है,फिलहाल यूँ ही टाल दूगाँ,रही जिंदगी तेरी,तो कभी नज़र डाल देना,सफलता में भी तुझे संघर्ष बना दूगाँ। ©ravioo