कभी टूट कर बिखर जाओ, तो चले आना
हिज़्र से लिपट जाओ, तो चले आना
आज भी तेरी राह में पलकें बिछाएं हैं
नफरतों की कफ़स में हो ,तो चले आना
सोचना मत कभी कि बदल गए हम
तेरे लिए 'अरशु' वही है ,बस तू चले आना
आज भी तेरी यादों में वैसे ही खड़ी है
निराश नहीं होगा कभी, बस तू चले आना
©deeprichu
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