बस तू ही तू
मेरे दिन तू, मेरी रात तू,
मेरी सुबह तू, मेरी शाम तू।
हर लम्हे की खामोशी में,
मेरी हर एक बात तू।
मेरी पूजा तू, मेरी दुआ तू,
मेरी गीता तू, मेरी कुरान तू।
मेरे दिल की हर धड़कन में,
बसा हुआ एक अरमान तू।
मंदिर तू, मेरी मस्जिद तू,
मेरी सांस तू, मेरी धड़कन तू।
मेरे गीतों की धुन भी तू,
और उनका हर एक साज़ तू।
मेरा इश्क तू, मेरा प्यार तू,
मेरा जीवन तू, मेरी सांस तू।
मेरी राह तू, मेरी मंज़िल तू,
मेरे सफर का हमसफ़र तू।
मेरा कृष्ण तू, मेरा राम तू,
मेरा मज़हब तू, मेरा ईमान तू।
मेरा ख़ुदा तू, मेरा भगवान तू,
मेरी रूह का सुकून तू।
मेरा क़रार तू, मेरा इंतज़ार भी तू,
मेरी दुनिया तू, मेरा जहाँ तू।
अगर कुछ भी हूँ मैं इस जहाँ में,
तो मेरी हर पहचान तू। ❤️✨
✍️शिवन्या