B banirai en July 23, 2025 चांद🌙 तारे तो बहुत है, फिर भीये आंखे चांद को ही क्योंखोजती है , वह बादलों मेंछिप भी जाये तो भी ये आंखेंउसे ही क्यों नीहारती है, सुंदर तो तारे भी हैं, फिर भीचांद की सूंदरता क्यों सब से प्यारी लगतीं है.. तारे तो बहुत है..©