तीन है पंख, फिर भी नही उड़ पाता,
चमगादड़ नहीं, फिर भी उल्टा लटकता,
ना ही खाता दाना, ना ही पीता पानी,
भोजन मेरा बिजली रानी,
मिलता भोजन, तो चलता जाता,
बिना भोजन के रुक जाता,
जब तक चले, सबको हवा पहुचायें,
रुक जाए, तो सबको नानी याद दिलाए,
विकास गर्ग
©vicky
V