K

चेतना

"हर व्यक्ति की अपनी
एक चेतना होती है,
मेरी चेतना
घूमती है
गांव के इर्द-गिर्द,
ख़यालों में सहेजने
के लिए विलुप्त
होता हुआ गांव!"
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©️®️〰️अवधराम गुरु
©kavi Awadh