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child hood of lord kirshna

ये कान्ह रूप है प्यारा बड़ा।
मनमोहक सबसे न्यारा बड़ा ।
जिसकी चमक से देखते हैं सब,
ये कितना प्रकाशित दिखाई पड़ा।
माखन चुराए ,मटकी फोड़े
करते है ये सबको हैरान बड़ा।
जब कंस ने आदेश दिया,
तो पूतना आई , बका सुर आया
और अजा सुर भी मूर्छित दिखाई पड़ा।
जब यमुना में कूद गए तब कालिया
पे आया क्रोध बड़ा ।
लीला धर ने उसके फनों पर किया था नृत्य बड़ा।
एक बार इन्द्र ने वर्षा कराई , गोकुल में आया संकट बड़ा
इन्द्र क्या बिगड़ते उनका जिनके साथ था कान्ह खड़ा।
उठाया गोवेर्धन पर्वत को ओर कर लिया उँगली पर खड़ा।
जय हो मेरे प्यारे
©shivatomar