B

छुट्टियों की बारीश ✍

बड़ी प्यारी सी थी वह
स्कूल की छुट्टीयो की
बारीश,
एक ही छाते में समा जाते
थे सारे ,
कभी खुद भींगते थे, तो
कभी जो ना भी भींगे उसे
भी भींगाते थे,
घर पर नये- नये बहाने करते
थे, कभी छाता भुल गये तो
कभी छाता खो गया इस तरह
की बचकानी हरकते कर
जातें थें,
किसी बात का कोई डर नहीं
बस बैपरवाह से दोस्तों के
साथ बारीश में भींग जातें थे..
बड़ी प्यारी सी थी वह
छुट्टीयो की बारीश.. .
I miss my school life.. .
©banirai