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चित्र आधारित रचना

डूबता हुआ इंसान बस एक ख़बर बन गया ,
हर तरफ़ अथाह जल से घिरा हुआ रह गया,
सामने से तस्वीर खींच रहे थे उसकी
पर कोई बचाने का साहस ना कर पाया ,
हाथ उठाए ऊपर उंगलियों से इशारा किया ,
जैसे कि वो अपने होने का एहसास करा रहा था।
कोई उस तक पहुंच ना पाया,
बस एक तस्वीर बनकर खबर में आया।
बड़े बड़े नेता बस झूठी दिलासा देते रहे,
देखने कोई उसके नजदीक ना आया,
पानी रूपी तनाव उमड़ आया,
लड़ता रहा वो पर खुद को बचा ना पाया।
©anusingh