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चकाचौंद में सादगी का रूप लेकर आना, तुम हादसों में ज़िंदगी का रूप लेकर आना, हर…

चकाचौंद में सादगी का रूप लेकर आना, तुम हादसों में ज़िंदगी का रूप लेकर आना,
हर ओर सन्नाटा बिखरा है, हर शख्स सदमे में है, तुम हँसी लेकर आना और खूब लेकर आना,
अंधेरा पसर रहा है आहिस्ते से इस घर में, तुम आओगे तो एक प्याला धूप लेकर आना
©your_rohit