Y

चन्द चीजें.....!!

भीड़ की आदत नहीं मुझे,
थोड़े में जीना सीख लिया है मैंने,
चन्द दोस्त हैं, चन्द दुआएं हैं,
बस इन खुशियों को गले लगा लिया मैंने ।
©rohit123