S sochamit en July 23, 2025 चर्चा चांद पे। खुली हैं आसमान की बाहें,जिसमे पूरी चांद भी समा जाएं।चांद को पूरी बिकशित देख,बादलों ने भी बदल ली अपनी राहें।।©sochamit