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ढोल का पोल

ढोल का पोल दिखाई देते हैं!
ये नारे!जय भारत माता की!
विधवा सी तकदीर बना दी!
मा भारत की अभिलाषा की!
ढोल का-----------
ये मुकुट-मुखौटे बचे हैं खाली!
खुद कथनी के पैरोकार कहाँ!
खेत को खाने वाली बाड़ें हैं!
पहरों वाले पहरेदार कहाँ!
ढोल का---------
लूट-लूट कर स्विस तिजोरी भर दी!
बन कर बाड़ खेत को खाने वालों ने।
खूब घसीटा देश हमारा!
देश चलाने वालों ने!
ढोल का------------
दर दिन शोर सुनाई देते हैं!
युँ भारत की मा भाषा हो!
सुनने वाले ज़िन्दा लाशें हों,
या दिल्ली एक तमाशा हो!
ढोल का-------------
हर अबला सहमी रहती है!
युँ आलम हबशी आसा हो!
इक भैंस तला को काफी है!
कोई आसा हो!दुरवासा हो!
ढोल का------------
मुर्दों मे जाने बेशक फूँकी हों!
अब तो जोरों को कमजोर करो!
वर्ना भैंस को बीन सुनाते हो!
शब्दों मे बन्दूकी बारुद भरो!
ढोल का-----------
©ramvir