M

डॉक्टर कलाम को सलाम

किसी जाति, मज़हब, समुदाय में कहाँ विश्वास था उनका,
कोई धर्म न ऊँचा-नीचा, सर्वधर्म समभाव में बसे उनके प्राण
मानव धर्म सर्वोपरि, वो मानते हर मज़हब से ऊँचा है इंसान
एक हाथ में वो श्रीमद्भागवत गीता रखते और दूजे में कुरान
दुनिया के किसी व्यर्थ आडम्बर में वो उलझे ही कहाँ थे कभी
नित नए प्रयोग करते, उनका कर्म क्षेत्र हमेशा बना रहा विज्ञान
जन्मदिन उनका है विश्व विद्यार्थी दिवस, विद्यार्थियों के प्यारे शिक्षक
बने भारत के संवैधानिक राष्ट्रपति, पर रहे सदा जनता के प्रधान
त्रिशूल, पृथ्वी, अग्नि, आकाश, ब्रह्मोस, नाग स्वदेशी मिसाइलें बनाई
बैलेस्टिक मिसाइल टेक्नोलॉजी विकास से पड़ा 'मिसाइलमैन' नाम
पोखरण में परमाणु परीक्षण कर बनाया देश को सुपर पॉवर
इन्हीं की वैज्ञानिकता के दम पर भारत रहता सीना तान
लॉन्चिंग टेक्नोलॉजी एसएलवी से भारत को बना दिया आत्मनिर्भर
डीआरडीओ, इसरो में जीवन पर्यंत करते रहे वैज्ञानिक अनुसंधान
भविष्य भारत के वो स्वप्न दृष्टा, धनुषकोडि-रामेश्वरम प्रमुख स्थान
पद्म विभूषण, भारत रत्न, सम्पूर्ण विश्व से डॉक्ट्रेट मिले बहुत सम्मान
इंडिया-2020, इग्नाइटेड माइंड्स, इंडिया माय ड्रीम के वह थे रचनाकार
माय जर्नी, गाइडिंग सोल्स, टर्निंग पॉइंट्स, आत्मकथा-अग्नि की उड़ान
माँ भारती के सच्चे सपूत अबुल पकिर जेनुल आबदीन अब्दुल कलाम
चरण वंदन और सादर प्रणाम, डॉक्टर कलाम को "मैडी" का सलाम।।
©mkmaddy