चोट लगी है कही जिस्म पर या
चोट जिगर पर खाई है
सोइ नही हो कई रातों से या
आँख तुम्हारी भर आई है
दिल में छुपा कर रखी है वो बाते सारी या
किसी को बता कर आयी हो
जख्म काफी गेहरा है तुम्हारा गिर गयी थी कही पर या
ठोकर किसी से खाई हो
खुद ही ने खुद को कैद किया है या
किसी ने लगाया तुम पर पेहरा है
जो भी साथ खड़ा है साथ तुम्हारे वो हर शख्स तुम्हारा है
ना करो यु शक हम पर ये हमराज सिर्फ तुम्हारा है
संभाल कर दिखाना अपना जख्म किसी को
क्योंकि ये जख्म काफी गहरा है
यहा मरहम हर किसी के पास नही है मरहम लगाने के
बहाने बुलाते है सभी और जख्म कुरेदने लगता है
सच कहता हु मैं मुझे दुनिया से नही
बस ऐसे लोगों से डर लगता है
©deepakshar
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