V

दहेज-दानव

जिस दहेज-दानव के डर से
करते हो ये ज़ुल्मो-सितम
क्यों नहीं उसी दुष्ट-दानव को
कर देते तुम जड़ से ख़तम
भ्रूणहत्या का पाप हटे, अब ऐसा जाल बिछाने दो
खिलने दो ख़ुशबू पहचानो, कलियों को मुसकाने दो
🌹🌹🌹
©vikasgarg