धोखा मिला गर प्यार में तो क्या करें
स्वीकार कर प्यार का ऐतबार करें
धोखा आपने नहीं उसने दिया है
अपने हिस्से के प्यार को न बेकार करें
बडी मुश्किल से होता है किसी से प्यार
क्या पता उनको नहीं हो आप स्वीकार
प्यार तो आपने किया है
धोखा आपने नहीं दिया है
प्यार सच्चा हो तो फिक्र कहां धोखे की
वो रूह में बसती है जिक्र नही मिलने की
दुनियादारी के तराजू पर जब भी प्यार तुला
मर गया बेमौत जैसे यीशु शूली पर था झुला
प्यार परे है इस जहान से
धरती से और आसमान से
इसमें धोखे की गुंजाईश नहीं है
प्यार है पगले फरमाईश नहीं है
©abhidilse
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