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दीप जलाओ

दीप जलाओ प्यार के मिलकर
खुशियों की हो जाए दिवाली
हर घर आंगन महके खुशी से
सब के चमन में हो हरियाली
कोई भूखा प्यासा ना हो
कोई भी दिल में निराशा ना हो
धूम मची रहे हर ओर हो रौनक
सोने चांदी के सिक्कों की हो खनक
कोई भेद न दिखे राजा रंक में
सब को भर लो अपने अंक में
राग मल्हार तान खुशियों के छेड़ो
बम पटाखे जी भर के फोड़ों
चलो मनाएं खुशियों की दिवाली
दीप जलाकर प्यार मोहब्बत वाली
©abhidilse