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दिल

एक दिल ही तो था मेरे पास,
उसे भी रौंद दिया गया।
कुछ टुकड़ों में बिखेर,
सब टुकड़ों को फेक दिया गया।
अब इन टुकड़ों को चुनती हूं तो,
चुभ जाते हैं ऐसे,
मेरे दिल के अब ये हिस्से न रहे हो जैसे।।
©shaaya