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दिल में लहू और आंखों में आंसू का साल है

दिल में लहू और आंखों में आंसू का साल है
इस तमन्ना का वही जो जिंदगी का हाल है।
कोई नाउम्मीद कैसे चले अपने राहों में
उम्मीद का दिया ही तो मंजिले वक्त से निहाल हैं।
क्या सैकड़ों जिंदगीयां दफन होंगी हसीन वादियों में
गर्दिश ए वक्त ने नहीं छोड़ा कहीं का यही मलाल है।
फैलते जा रहे है तेरे दामन ए मर्ज की दायरे
तेरे मेरे बिच बस कुछ कदम फासले की जाल है
सता रही है गहरी फिक्र सभी को अपनों की
भले हो सरजमीं पर या हो विदेश मगर बुरा हाल है।
तुमसे तो है फेर रखा मुंह सभी अपने दोस्त अनुराग
जाओगे कहां एक तरफ खाई तो एक तरफ दिवाल है।
©anuragrahi