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दिल से दिल की बात हुई, रब की सौगात हुई, जिस दिन तेरी…

दिल से दिल की बात हुई, रब की सौगात हुई,

जिस दिन तेरी मेरी, वो पहली मुलाकात हुई।

कुछ तूने कहा, कुछ मैंने कहा, आँखों ने अफ़साने लिखे,

फिर जज़्बात ही जज्बातों में, मोहब्बत वाली बात हुई।

नज़रों से नज़रें मिली, धड़कनों से धड़कनें बढ़ी,

लबों से लब ऐसे मिले, जैसे सावन वाली बरसात हुई।

साँसों ने साँसों को छुआ, कुछ नजदीकियां बेबात हुई,

तू तू ना रही, मैं मैं ना रहा, फिर इश्क़ की शुरुआत हुई।

जिगरी यार और उसकी पहली मोहब्बत की

पहली मुलाक़ात के उपलक्ष में चंद शब्द।

© विशाल सैनी