देखो कुदरत का इक खेल ,
दो उत्सवों का आज गजब मेल,
युगों पूर्व ऋषियों ने इक महोत्सव मनाया,
इक धागे में भाई-बहन के प्रेम को समाया,
भाई को राखी बांधती बहन बड़भागी,
कच्चे धागे के बंधन से भाई बन जाता त्यागी,
भारत के वीर भाईयों ने भी आजादी कसम ली थी उठा,
वीर सपूतो ने भारत की रक्षा की, ब्रिटिश को दिया भगा,
आज शुभ अवसर पर कसम खा लो,
भारत की हर बेटी की रक्षा करेंगे,
जो कोई उठायेगा भारत पर नजर,
उसके कान के नीचे जोर से धरेंगे।
विकास गर्ग
©vicky
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