दो पल की जिंदगी
आज बचपन, कल जवानी,
परसों बुढ़ापा, फिर खत्म कहानी,
चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
फिर ना आने वाला यह दिन सुहाना,
फिर ना आने वाली यह रात सुहानी,
जो बीत गया सो बीत गया,
क्यों करते हो आने वाले कल की चिंता,
आज में जिओ, दूसरा पल हो ना हो।
आओ जिंदगी को गाते चले,
कुछ बातें मन की करते चलें,
रूठो को मनाते चलें।
आओ जीवन की कहानी प्यार से लिखते चले,
कुछ बोल मीठे बोलते चले,
कुछ रिश्ते नए बनाते चले।
क्या लाए थे क्या ले जायेंगे,
आओ कुछ लुटा के चले,
आओ सब साथ चलते चले,
जिंदगी का सफर यूं ही काटते चले।
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©vicky
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