दोस्त
दोस्त, किसी की ज़िंदगी में यूँ ही नहीं आना चाहिए,
दो पल दिल लगाकर किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए।
दोस्ती एक बेहद खूबसूरत एहसास होती है, दोस्त हो तो दोस्ती को शिद्दत से निभाना चाहिए।
हाँ, अगर कोई पसंद नहीं आए तुझे, तो ये अलग बात है,
मगर अपनी नाराजगी भी एक बार उसे तो बताना चाहिए।
कोई तुझे पल पल ख़ामोशी से याद करता है,
खुदा से तेरी ख़ुशी की पल पल फ़रियाद करता है।
तुझे भी उस नेक दिल पर थोड़ा रहम दिखाना चाहिए,
अपनी चाँद सी खूबसूरती को ऐसे नहीं छिपाना चाहिए।
कल से तेरा जवाब नहीं आया, मेरा दिल उदास सा है।
तेरी इस ख़ामोशी में छुपा ये दर्द भी खास सा है।
किसी के दिल की उदासी को समझ जाना चाहिए,
एक बार अपनी ख़ामोशी का राज तो उसे बताना चाहिए?
©विशाल सैनी
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