यादों के पुराने डिब्बे से एक पुराना हिस्सा मिला,
जब बात से देखा तो एक अनमोल दोस्त मिला,
बचपन के झगड़े को याद किया,
तो तुम्हारा हंसता चेहरा मिला,
धरती की मिट्टी जैसे नरम,
गुस्सा करने पर अग्नि जैसे गर्म,
जीवन सिखाने वाले 'गुरु' हो तुम,
जन्म से लेकर अंत तक सहारा हो तुम,
दुनिया से लड़ने के लिए तुमने सिखाएं तरीके,
जब कोई ना था तो सिर्फ तुम ही दिखे,
मेरे घर को रोशन करने वाला दिया तुम,
तुम ही राम हो, सिया भी तुम
🌹🌹🌹
©vicky
V