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दोस्त जो भी थे सब बेवफा हो गया तू तो खुदा है फिर मुझसे क्यूँ खफ़ा हो गया।…

दोस्त जो भी थे सब बेवफा हो गया

तू तो खुदा है फिर मुझसे क्यूँ खफ़ा हो गया।

मेहनत की,ईमानदारी दिखाता रहा,घाटा सहता रहा

फक़त इमान छोड़ा मुनाफा हो गया

ये जो तेरे हुस्न है तेवर है सभी फसाद के जड़ है

और तुम कहती हो कि मेरे साथ जफ़ा हो गया

उन से मिलूँ तो जेब से जाऊँ न मिलूँ तो जान से

इश्क़ में खुद अब बेबसी का फलसफा हो गया

कल तक मेरे दर पर रिश्तों की होड़ लगी थी

रिश्ते खूं के भी आज सब रफा-दफा हो गया।