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दोस्ती

सब रिश्ते में केवल मतलब ही तु जान.
इक दोस्ती का रिश्ता ही है महान.
सब दोस्त अच्छे नहीं होतें यहाँ.
पहले उसको जान और पहचान.
खुन का रिश्ता ही केवल रिश्ता नहीं होता.
इंसानियत का रिश्ता है सब रिश्तो में प्रघान.
कठिन होता है दोस्ती का रिश्ता निभाना.
सोच समझकर दोस्ती का हाथ बढ़ाना.
दोस्ती में सब कुछ है कुर्बान.
जैसे कृष्ण सुदामा को ही जान.
©amrendraku