ये मौसम, ये समा देख कर
कुछ याद आता है
याद आता है वो बीता हुआ कल
वी पुरानी बस्ती
जिसमे रहती थी अपने यारो की मस्ती
याद आता है
याद आता है बीता हुआ साल
खुल कर हसना, हस कर रहना
याद आता है
वो पुरानी क्लास, छूटे हुयें यार
साथ में पड़ना, साथ में लड़ना
मिल कर खाना, मौज उड़ान
याद आता
यारो संग यारी खूब थी मजेदारी
©nihalnat
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