S sochamit en July 23, 2025 दर लगता है।। थोड़ी धूप की किरण थी,कुछ नाकामी की बुरी खबर,कभी वक़्त ने दिया दर्द,कभी रक्त वह जाने का डर,१००० हालातों से गुजरा हूं,कभी ना सहम पाया मगर,पर आज मा के आंखो में आंसू देख,जैसे रावण मेरे द्वार आ गया हो, और मै बेखबर।।©sochamit