A anvisha en July 23, 2025 दर्द काफ़िर नहीं हूं जो सब छोड़ दूं,आंखें बंद कर मुंह मोड़ दूं,काश कि इस दिल को समझ पाता,मगरुर ओर बेबसी के अंतर को जान पाता,इन आंसुओं की कीमत समझ पाता,तो दर्द क्या है ये जान पाता।।©anvisha