V

द़र्द का़ हम़द़र्द

मु़झे अ़पने ह़र द़र्द का़ हम़द़र्द ब़ना लो,
दिल़ मे ऩही तो ख्या़लो मे बै़ठा लो,
सप़नों मे नही तो आ़खों में स़जा लो,
अप़ना एक़ सच्चा अहसास ब़ना लो।।
मु़झे कुछ़ इ़स त़रह से़ अ़पना लो,
कि अ़प़ने दिल की धड़कन ब़ना लो,
मु़झे छु़पा लो़ सा़री दु़निया ऐ़से,
कि अ़पना एक़ गह़रा राज़ ब़ना लो ।।
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©vikasgarg