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दस्तक

बडी मुश्किल से मैंने भुलाने की कोशिश की ,
वर्षो बाद आज फिर उसने दस्तक दी ।
वहीं ला खडा कर दिया ,
जहाँ से मैंने चलने की कोशिश की।
समझ न आया जवाब क्या दूँ,
खामोश रहकर फिर मैने ,
आगे बढने की कोशिश की ।
©sandeepgup