M mirrorof.. en July 23, 2025 "दुख " इस जिंदगी रूपी झरोखे में दुख की हवा तो आती-जाती ही रहती हैकितने मजबूत हो तुम यह देखने के लिए यह तुम्हारे आस-पास बहती हैतुम इन हवाओं में हौसले की पतंग उड़ाते रहोतेरे वेग से भी मजबूत हूं मैं इन हवाओ से यह कहो -विनिता©gopalshyam