M

"दुख "

इस जिंदगी रूपी झरोखे में दुख की हवा तो आती-जाती ही रहती है
कितने मजबूत हो तुम यह देखने के लिए यह तुम्हारे आस-पास बहती है
तुम इन हवाओं में हौसले की पतंग उड़ाते रहो
तेरे वेग से भी मजबूत हूं मैं इन हवाओ से यह कहो
-विनिता
©gopalshyam