Y

dukh....

गुजर रही है जिंदगी अब ऐसे मुकाम से,
अपने भी दूर हो गए जरा से जुखाम से ।
पास रहकर भी हम, कितने दूर हो गए,
इस महामारी से हम सब मजबूर हो गए ।
सोचा न स्वपन मे, ऐसा समय भी आयेगा,
अपने पास वाला भी हमसे दूर हो जाएगा ।
😔
©rohittiwar