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दुखी मन।

कभी सैंयम की सीमा भी टूट जाए,
कभी आंसुओ की बांध भी टूट जाए,
जब दुख इस कदर मन में समाए,
फिर धड़कन भी धड़कने से खौफ खाएं।।
©sochamit