S sochamit en July 23, 2025 दुखी मन। कभी सैंयम की सीमा भी टूट जाए,कभी आंसुओ की बांध भी टूट जाए,जब दुख इस कदर मन में समाए,फिर धड़कन भी धड़कने से खौफ खाएं।।©sochamit