कुछ बीते सालो मे दुनिया के लिये नजरिया बना,
कुछ अपने पराये और अंजान अपने बने,
कुछ ने तो मोका ना छोडा बदनाम करने का,
कुछ ने हौंसला दिया इसे पार करने का,
पर सही मे मजा बडा आया ऐसे जीने का,
कभी सोचा ना था ऐसे भी कुछ साथियो के मिलने का।
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खुदा के रन्ग इस कदर निराले है,
कुछ गोरो के पीछे काले तो काले के पीछे गोरे है,
कुछ ने तो रास्ते मे ही बोली लगा दी थी मेरी,
पर वो ना जानते थे माँ है साथ मेरी,
बोली लोगो ने नही घर वालो ने ही लगाई थी,
पर जो भी था खुदा ने बड़ी अच्छी सीख सिखाई थी।
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©snehakalra
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