हीर-रांझा को देखो या पतंग-मांझा
एक-दूजे के नाम बिना लगता है कुछ आधा
कभी जिंदगी भर साथ निभाने का
तो कभी किया चांद-तारें तोड़ने का वादा
कभी टट्टी-मीठी लोक झोक
तो कभी किया रस भरा सौदा
बस यूँ ही चलते रहेंगे हम
एक-दूजे का हाथ थाम
अपनी दुनिया पूरी कर लेंगे हम
और जिंदगी में कितनी ही कठिनाई क्यों न आ जाए
हम हमेशा रहेंगे तेरे हमदम
©bhumijain
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