जो ठहरा ना किसी मोड़ पे,
कभी वह सफ़र अभी बाकी है...
जो रुकती ना थी ज़माने की बातों से,
इश्क़ की कहानी अभी बाकी है...
ख़्वाबों में कही-अनकही बातें,
तुझे बताना अभी बाकी है...
इन सांसो का थमना और,
नज़रों का मिलना अभी बाकी है...
तेरा मुझसे हाल-ए-दिल बयान,
कर पाना और तेरे बिन कहे,
मेरा सब सुन लेना अभी बाकी है...
कुछ ख़्वाहिशें अब भी अधूरी बिन तेरे,
तुझ संग जीना अभी बाकी है...
तेरी आंखों में मेरा चेहरा,
और इश्क़ हमारा मुकम्मल होना अभी बाकी है...
एक बात हमारी बाकी है...
तेरा मेरा मिलना अभी बाकी है...
©maahisingh
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