A anusingh en July 23, 2025 एक भक्त *अब डर नहीं लगता बातों के खंजरों का , घूंट घूंट कर पी जो चुके है विषपान बंजरों कामहाकाल तो नहीं पर भक्त हूं महाकाल का।🙏*©anusingh