D deepakshar en July 23, 2025 ek Hasin lamha इन हसी वादियो से भी प्यारी तेरी हँसी है में तो तेरा कब से हो चुका हु न जाने तुम किस सोच में फसी हो तुम्हारी बाते ही नही तुम उनसे भी हसी हो ©deepakshar