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ek Hasin lamha

इन हसी वादियो से भी प्यारी तेरी हँसी है
में तो तेरा कब से हो चुका हु न जाने तुम किस सोच में फसी हो
तुम्हारी बाते ही नही तुम उनसे भी हसी हो
©deepakshar