एक ना एक दिन जरूर आएगा
मेरा हौसला बुलंद हो जाएगा!
फिर छू लूंगा उन ऊंचाइयों को
जो कभी नहीं छू पाया जिवन में
आऐ कोई भी कठिनाइयां राह में
कड़ी मेहनत और लगन से
हासिल कर लूंगा उन ऊंचाइयों को
एक ना एक दिन जरूर आएगा
मेरा हौसला बुलंद हो जाएगा!
मेरे मन ने जो आज है ठाना,अपने लक्ष्य को है पाना
चाहे आए कितनी भी परेशानियां जीवन में
दटकर उन्हें हैं अपने से दूर भगाना
पर अपने कदम अब नहीं रूकने देना है
कदमों को मंजील से मीलाना है
उन ऊंचाइयों को छू लेना है
उम्मीद है तभी मेरा मन तसल्ली पाएगा
एक ना एक दिन जरूर आएगा
मेरा हौसला बुलंद हो जाएगा!
जो लक्ष्य है अच्छाईयां हासिल करने का
उसी राह में अपनी राहें खोजना है
मीले जो थोड़ी तकलीफ़ अगर राह में
उसे हसकर सहना है पर राह नहीं छोड़ना है
उन ऊंचाइयों को खुशी-खुशी छू लेना है
ऐसे ही हौसलें से लक्ष्य पूरा हो पाएगा
एक ना एक दिन जरूर आएगा
मेरा हौसला बुलंद हो जाएगा!
---✍️उमेंद्र बिसेन✍️---
©ubisen
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